Tuesday, 24 October 2017

Lord shiva mantera

Lord Shiva Mantra

Shri Shiva Yantra

Lord Shiva
1. Shiva Moola Mantra
ॐ नमः शिवाय॥
Om Namah Shivaya॥
2. Maha Mrityunjaya Mantra
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
Om Tryambakam Yajamahe Sugandhim Pushti-Vardhanam
Urvarukamiva Bandhanan Mrityormukshiya Mamritat॥
3. Rudra Gayatri Mantra
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
Om Tatpurushaya Vidmahe Mahadevaya Dhimahi
Tanno Rudrah Prachodayat॥

Kuber ji manter

Kubera Mantra
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
Om Yakshaya Kuberaya Vaishravanaya Dhanadhanyadhipataye
Dhanadhanyasamriddhim Me Dehi Dapaya Svaha॥
2. Kubera Dhana Prapti Mantra
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
Om Shreem Hreem Kleem Shreem Kleem Vitteshvaraya Namah॥
3. Kubera Ashta-Lakshmi Mantra
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
Om Hreem Shreem Kreem Shreem Kuberaya Ashta-Lakshmi
Mama Grihe Dhanam Puraya Puraya Namah॥

Lakshmi manter

Lakshmi Vinayaka Mantra (लक्ष्मी विनायक मन्त्र)
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
Om Shreem Gam Saumyaya Ganpataye Vara Varada
Sarvajanam Me Vashamanaya Svaha॥
2. Lakshmi Ganesha Dhyana Mantra (लक्ष्मी गणेश ध्यान मन्त्र)
दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
Dantabhaye Chakravarau Dadhanam, Karagragam Swarnghatam Trinetram।
Dhritabjayalingitamabdhi Putrya-Lakshmi Ganesham Kanakabhamide॥
3. Rinharta Ganapati Mantra (ऋणहर्ता गणपति मन्त्र)
ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥
Om Ganesha Rinam Chhindhi Varenyam Hum Namah Phat॥

Vedik manter

Shri Ganesha Yantra

Shri Ganesh
1. Vakratunda Ganesha Mantra
श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
Shree Vakratunda Mahakaya Suryakoti Samaprabha
Nirvighnam Kuru Me Deva Sarva-Kaaryeshu Sarvada॥
2. Ganesha Shubh Labh Mantra
ॐ श्रीम गम सौभाग्य गणपतये
वर्वर्द सर्वजन्म में वषमान्य नमः॥
Om Shreem Gam Saubhagya Ganpataye
Varvarda Sarvajanma Mein Vashamanya Namah॥
3. Ganesha Gayatri Mantra
ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि,
तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
Om Ekadantaya Viddhamahe, Vakratundaya Dhimahi,
Tanno Danti Prachodayat॥

India of temples all extra gyan

भीमशंकर ज्योतिर्लिंग- कुंभकर्ण के पुत्र को मार कर यहां स्थापित हुए थे भगवान शिव
यह हैं किन्नर कैलाश, कहते है महादेव के इस धाम में जाने की इंसान एक बार ही कर पाता है हिम्मत
बाबा तामेश्वरनाथ धाम- इस शिवलिंग की कुंती ने की थी सबसे पहले पूजा
शलमाला नदी में एक साथ बने है हज़ारों शिवलिंग, नदी की धारा स्वयं करती है अभिषेक
सलेमाबाद शिव मंदिर में पिछले 15 सालों से रोज़ नाग आ कर करता है शिव जी की पूजा
अदभुत- सूर्य की किरणें पड़ते ही सुनहरा हो जाता है कैलाश, बनती है ॐ की आकृति
श्रीखंड महादेव यात्रा- अमरनाथ से भी कठिन है महादेव की यह यात्रा
मंढीप बाबा- इस स्वयंभू शिवलिंग दर्शन के लिए पार करनी पड़ती है एक ही नदी 16 बार, साल में एक बार होते है दर्शन
असीरगढ़ का किला – श्रीकृष्ण के श्राप के कारण यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, किले के शिवमंदिर में प्रतिदिन करते है पूजा
काठगढ़ महादेव – यहां है आधा शिव आधा पार्वती रूप शिवलिंग (अर्धनारीश्वर शिवलिंग)
11 to 20



स्तंभेश्वर महादेव – शिव पुत्र कार्तिकेय ने करी थी स्थापना, दिन में दो बार नज़रों से ओझल होता है यह मंदिर
टूटी झरना मंदिर- रामगढ़(झारखंड) – यहाँ स्वयं माँ गंगा करती है शिवजी का जलाभिषेक
बिजली महादेव- कुल्लू -हर बारह साल में शिवलिंग पर गिरती है बिजली
लिंगाई माता मंदिर – स्त्री रूप में होती है शिवलिंग की पूजा
अचलेश्वर महादेव – अचलगढ़ – एक मात्र मंदिर जहां होती है शिव के अंगूठे की पूजा
ममलेश्वर महादेव मंदिर – यहां है 200 ग्राम वजनी गेहूं का दाना – पांडवों से है संबंध
नागचंद्रेश्वर मंदिर – साल में मात्र एक दिन खुलता है मंदिर
चमत्कारिक भूतेश्वर नाथ शिवलिंग – हर साल बढ़ती है इसकी लम्बाई
अनोखा शिवलिंग – महमूद गजनवी ने इस पर खुदवाया था कलमा
महादेवशाल धाम – जहाँ होती है खंडित शिवलिंग की पूजा – गई थी एक ब्रिटिश इंजीनियर की जान
21 to 30

निष्कलंक महादेव – गुजरात – अरब सागर में स्तिथ शिव मंदिर – यहां मिली थी पांडवों को पाप से मुक्ती
परशुराम महादेव गुफा मंदिर – मेवाड़ का अमरनाथ – स्वंय परशुराम ने फरसे से चट्टान को काटकर किया था निर्माण
कमलनाथ महादेव मंदिर – झाडौल – यहां भगवान शिव से पहले की जाती है रावण की पूजा
कामेश्वर धाम कारो – बलिया – यहाँ भगवान शिव ने कामदेव को किया था भस्म
अचलेश्वर महादेव – धौलपुर(राजस्थान) – यहाँ पर है दिन मे तीन बार रंग बदलने वाला शिवलिंग
लक्ष्मणेश्वर महादेव – खरौद – यहाँ पर है लाख छिद्रों वाला शिवलिंग (लक्षलिंग)
भोजेश्वर मंदिर (Bhojeshwar Temple) – भोपाल – यहाँ है एक ही पत्थर से निर्मित विशव का सबसे बड़ा शिवलिंग
जंगमवाड़ी मठ – वाराणसी : जहा अपनों की मृत्यु पर शिवलिंग किये जाते हे दान
एक हथिया देवाल- मात्र एक हाथ से और एक रात में बने इस प्राचीन शिव मंदिर के शिवलिंग की नहीं होती है पूजा, आखिर क्यों?
Mata Temple  (माता के मंदिर)



1 to 10

कामाख्या शक्तिपीठ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जो कम लोगों को है पता
मैहर देवी का मंदिर: ये है माँ शारदा का इकलौता मंदिर, यहाँ आज भी आते हैं आल्हा और उदल
चूड़ामणि देवी मंदिर- मान्यता है की इस मदिर में चोरी करने पर ही पूरी होती है मनोकामना
श्राई कोटि माता मंदिर- यहां पति-पत्नी एक साथ नहीं कर सकते मां दुर्गा के दर्शन, शिव पुत्रों से जुडी है कहानी
ज्वालामुखी देवी – यहाँ अकबर ने भी मानी थी हार – होती है नौ चमत्कारिक ज्वाला की पूजा
दंतेश्वरी मंदिर – दन्तेवाड़ा – एक शक्ति पीठ – यहाँ गिरा था सती का दांत
51 Shakti Peeth (51 शक्ति पीठ)
करणी माता मंदिर, देशनोक (Karni Mata Temple , Deshnok) – इस मंदिर में रहते है 20,000 चूहे, चूहों का झूठा प्रसाद मिलता है भक्तों को
कामाख्या मंदिर – सबसे पुराना शक्तिपीठ – यहाँ होती हैं योनि कि पूजा, लगता है तांत्रिकों व अघोरियों का मेला
तरकुलहा देवी (Tarkulha Devi) – गोरखपुर – जहाँ चढ़ाई गयी थी कई अंग्रेज सैनिकों कि बलि

HARYANA KE KURUKSHETRA KO HI KYO CHUNA MAHABHARAT KE LIYE JANE

Kurukshetra in Hindi : महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में लड़ा गया। कुरुक्षेत्र में युद्ध लड़े जाने का फैसला भगवान श्री कृष्ण का था। लेकिन उन्होंने कुरुक्षेत्र को ही महाभारत युद्ध के लिए क्यों चुना इसकी कहानी कुछ इस प्रकार है।


जब महाभारत युद्ध होने का निश्चय हो गया तो उसके लिये जमीन तलाश की जाने लगी। श्रीकृष्ण जी बढ़ी हुई असुरता से ग्रसित व्यक्तियों को उस युद्ध के द्वारा नष्ट कराना चाहते थे। पर भय यह था कि यह भाई-भाइयों का, गुरु शिष्य का, सम्बन्धी कुटुम्बियों का युद्ध है। एक दूसरे को मरते देखकर कहीं सन्धि न कर बैठें इसलिए ऐसी भूमि युद्ध के लिए चुननी चाहिए जहाँ क्रोध और द्वेष के संस्कार पर्याप्त मात्रा में हों। उन्होंने अनेकों दूत अनेकों दिशाओं में भेजे कि वहाँ की घटनाओं का वर्णन आकर उन्हें सुनायें।

एक दूत ने सुनाया कि अमुक जगह बड़े भाई ने छोटे भाई को खेत की मेंड़ से बहते हुए वर्षा के पानी को रोकने के लिए कहा। पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया और उलाहना देते हुए कहा-तू ही क्यों न बन्द कर आवे? मैं कोई तेरा गुलाम हूँ। इस पर बड़ा भाई आग बबूला हो गया। उसने छोटे भाई को छुरे से गोद डाला और उसकी लाश को पैर पकड़कर घसीटता हुआ उस मेंड़ के पास ले गया और जहाँ से पानी निकल रहा था वहाँ उस लाश को पैर से कुचल कर लगा दिया।

इस नृशंसता को सुनकर श्रीकृष्ण ने निश्चय किया यह भूमि भाई-भाई के युद्ध के लिए उपयुक्त है। यहाँ पहुँचने पर उनके मस्तिष्क पर जो प्रभाव पड़ेगा उससे परस्पर प्रेम उत्पन्न होने या सन्धि चर्चा चलने की सम्भावना न रहेगी। वह स्थान कुरुक्षेत्र था वहीं युद्ध रचा गया।

महाभारत की यह कथा इंगित करती है की शुभ और अशुभ विचारों एवं कर्मों के संस्कार भूमि में देर तक समाये रहते हैं। इसीलिए ऐसी भूमि में ही निवास करना चाहिए जहाँ शुभ विचारों और शुभ कार्यों का समावेश रहा हो।

हम आपको ऐसी ही एक कहानी और सुनाते है जो की श्रवण कुमार के जीवन से सम्बंधित है।

जब श्रवणकुमार ने अपने माता-पिता को कांवर से उतारकर चलाया पैदल :


श्रवणकुमार के माता-पिता अंधे थे। वे उनकी सेवा पूरी तत्परता से करते, किसी प्रकार का कष्ट न होने देते। एक बार माता-पिता ने तीर्थ यात्रा की इच्छा की। श्रवण कुमार ने काँवर बनाकर दोनों को उसमें बिठाया और उन्हें लेकर तीर्थ यात्रा को चल दिया। बहुत से तीर्थ करा लेने पर एक दिन अचानक उसके मन में यह भाव आये कि पिता-माता को पैदल क्यों न चलाया जाय? उसने काँवर जमीन पर रख दी और उन्हें पैदल चलने को कहा। वे चलने तो लगे पर उन्होंने साथ ही यह भी कहा-इस भूमि को जितनी जल्दी हो सके पार कर लेना चाहिए। वे तेजी से चलने लगे जब वह भूमि निकल गई तो श्रवणकुमार को माता-पिता की अवज्ञा करने का बड़ा पश्चाताप हुआ और उसने पैरों पड़ कर क्षमा माँगी तथा फिर काँवर में बिठा लिया।

उसके पिता ने कहा-पुत्र इसमें तुम्हारा दोष नहीं। उस भूमि पर किसी समय मय नामक एक असुर रहता था उसने जन्मते ही अपने ही पिता-माता को मार डाला था, उसी के संस्कार उस भूमि में अभी तक बने हुए हैं इसी से उस क्षेत्र में गुजरते हुए तुम्हें ऐसी बुद्धि उपजी।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –  भारत के अदभुत मंदिर

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Mahabharat main karan ki bhumika

कर्ण से जुडी कुछ रोचक बातें (Intersting Facts of Karna Mahabharata)

MARCH 2, 2015 BY AG 4 COMMENTS



Intersting Facts of Karna Mahabharta in Hindi : कर्ण के पिता सूर्य और माता कुंती थी, पर चुकी उनका पालन एक रथ चलाने वाले ने किया था, इसलिए वो सूतपुत्र कहलाएं और इसी कारण उन्हें वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो अधिकारी थे।  इस लेख में आज हम महारथी कर्ण से सम्बंधित कुछ रोचक बातें जानेंगे।



क्यों नहीं चुना द्रौपदी ने कर्ण को अपना पति?

कर्ण द्रोपदी को पसंद करता था और उसे अपनी पत्नी बनाना चाहता था साथ ही द्रौपदी भी कर्ण से बहुत प्रभावित थी और उसकी तस्वीर देखते ही यह निर्णय कर चुकी थी कि वह स्वयंवर में उसी के गले में वरमाला डालेगी। लेकिन फिर भी उसने ऐसा नहीं किया।



द्रोपदी और कर्ण, दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे लेकिन सूतपुत्र होने की वजह से यह विवाह नहीं हो पाया। नियति ने इन दोनों का विवाह नहीं होने दिया, जिसके परिणामस्वरूप कर्ण, पांडवों से नफरत करने लगा।

द्रोपदी ने कर्ण के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया क्योंकि उसे अपने परिवार के सम्मान को बचाना था। क्या आप जानते है द्रौपदी के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा देने के बाद कर्ण ने दो विवाह किए थे। चलिए आपको बताते हैं किन हालातों में किससे कर्ण ने विवाह किया था।



कर्ण ने किए थे दो विवाह

अविवाहित रहते हुए कुंती ने कर्ण को जन्म दिया था। समाज के लांछनों से बचने के लिए उसने कर्ण को स्वीकार नहीं किया। कर्ण का पालन एक रथ चलाने वाले ने किया जिसकी वजह से कर्ण को सूतपुत्र कहा जाने लगा। कर्ण को गोद लेने वाले उसके पिता आधीरथ चाहते थे कि कर्ण विवाह करे। पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए कर्ण ने रुषाली नाम की एक सूतपुत्री से विवाह किया। कर्ण की दूसरी पत्नी का नाम सुप्रिया था। सुप्रिया का जिक्र महाभारत की कहानी में ज्यादा नहीं किया गया है।



रुषाली और सुप्रिया से कर्ण के नौ पुत्र थे। वृशसेन, वृशकेतु, चित्रसेन, सत्यसेन, सुशेन, शत्रुंजय, द्विपात, प्रसेन और बनसेन। कर्ण के सभी पुत्र महाभारत के युद्ध में शामिल हुए, जिनमें से 8 वीरगति को प्राप्त हो गए। प्रसेन की मौत सात्यकि के हाथों हुई, शत्रुंजय, वृशसेन और द्विपात की अर्जुन, बनसेन की भीम, चित्रसेन, सत्यसेन और सुशेन की नकुल के द्वारा मृत्यु हुई थी।

वृशकेतु एकमात्र ऐसा पुत्र था जो जीवित रहा। कर्ण की मौत के पश्चात उसकी पत्नी रुषाली उसकी चिता में सती हो गई थी। महाभारत के युद्ध के पश्चात जब पांडवों को यह बात पता चली कि कर्ण उन्हीं का ज्येष्ठ था, तब उन्होंने कर्ण के जीवित पुत्र वृशकेतु को इन्द्रप्रस्थ की गद्दी सौंपी थी। अर्जुन के संरक्षण में वृशकेतु ने कई युद्ध भी लड़े थे।



श्री कृष्ण ने क्यों किया कर्ण का अंतिम संस्कार अपने ही हाथों पर?

जब कर्ण मृत्युशैया पर थे तब कृष्ण उनके पास उनके दानवीर होने की परीक्षा लेने के लिए आए। कर्ण ने कृष्ण को कहा कि उसके पास देने के लिए कुछ भी नहीं है। ऐसे में कृष्ण ने उनसे उनका सोने का दांत मांग लिया।

कर्ण ने अपने समीप पड़े पत्थर को उठाया और उससे अपना दांत तोड़कर कृष्ण को दे दिया। कर्ण ने एक बार फिर अपने दानवीर होने का प्रमाण दिया जिससे कृष्ण काफी प्रभावित हुए। कृष्ण ने कर्ण से कहा कि वह उनसे कोई भी वरदान मांग़ सकते हैं।

कर्ण ने कृष्ण से कहा कि एक निर्धन सूत पुत्र होने की वजह से उनके साथ बहुत छल हुए हैं। अगली बार जब कृष्ण धरती पर आएं तो वह पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन को सुधारने के लिए प्रयत्न करें। इसके साथ कर्ण ने दो और वरदान मांगे।

दूसरे वरदान के रूप में कर्ण ने यह मांगा कि अगले जन्म में कृष्ण उन्हीं के राज्य में जन्म लें और तीसरे वरदान में उन्होंने कृष्ण से कहा कि उनका अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां कोई पाप ना हो।

पूरी पृथ्वी पर ऐसा कोई स्थान नहीं होने के कारण कृष्ण ने कर्ण का अंतिम संस्कार अपने ही हाथों पर किया। इस तरह दानवीर कर्ण मृत्यु के पश्चात साक्षात वैकुण्ठ धाम को प्राप्त हुए।

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Jai Shree Krishana

*श्रीकृष्ण भगवान कहते हैं :-*_
      *☝🏻कभी किसी के चहरे को मत देखो बल्कि उसके मन को देखो, क्योंकि...अगर सफेद रंग में वफा होती' तो नमक जख्मों की दवा होती*।
*जैसे जैसे नाम आपका ऊंचा होता है,*
*वैसे वैसे शांत रहना सीखिए*        
*क्योंकि आवाज हमेशा सिक्के ही करते है,*
*नोटों को कभी बजते नहीं देखा*

         🌹जय श्री कृष्णा🌹
       🙏🌹Good Morning🌹🙏

Chanikye gyan

Aadami ke mass ki kimmat
मांस का मूल्य*मगध सम्राट बिंन्दुसार ने एक बार अपनी सभा मे पूछा :देश की खाद्य समस्या को सुलझाने के लिए*
सबसे सस्ती वस्तु क्या है ?
मंत्री परिषद् तथा अन्य सदस्य सोच में पड़ गये ! चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा आदि
तो बहुत श्रम के बाद मिलते हैं और वह भी तब, जब प्रकृति का प्रकोप न हो, ऎसी हालत में अन्न तो सस्ता हो ही नहीं सकता
!तब शिकार का शौक पालने वाले एक सामंत ने कहा :राजन,*सबसे सस्ता खाद्य पदार्थ मांस है,
*इसे पाने मे मेहनत कम लगती है और पौष्टिक वस्तु खाने को मिल जाती है ।
सभी ने इस बात का समर्थन
किया, लेकिन प्रधान मंत्री चाणक्य चुप थे ।तब सम्राट ने उनसे पूछा :आपका इस बारे में क्या मत है ?
चाणक्य ने कहा : मैं अपने विचार कल आपके समक्ष रखूंगा !रात होने पर प्रधानमंत्री उस सामंत के महल पहुंचे,
सामन्त ने द्वार खोला, इतनी रात गये प्रधानमंत्री को देखकर घबरा गया ।
प्रधानमंत्री ने कहा :शाम को महाराज एकाएक बीमार हो गये हैं, राजवैद्य ने कहा है कि किसी बड़े आदमी के हृदय का दो तोला मांस मिल जाए तो राजा के प्राण बच सकते हैं,

इसलिए मैं आपके पास आपके हृदय का सिर्फ दो तोला मांस लेने आया हूं । इसके लिए आप एक लाख स्वर्ण मुद्रायें ले लें ।यह सुनते ही सामंत के चेहरे का रंग उड़ गया, उसने प्रधानमंत्री के पैर पकड़ कर माफी मांगी और*उल्टे एक लाख स्वर्ण मुद्रायें देकर कहा कि इस धन से वह किसी और सामन्त के हृदय का मांस खरीद लें ।*प्रधानमंत्री बारी-बारी सभी सामंतों, सेनाधिकारियों के यहां पहुंचे और*सभी से उनके हृदय का दो तोला मांस मांगा, लेकिन कोई भी राजी न हुआ, उल्टे सभी ने अपने बचाव के लिये प्रधानमंत्री को एक लाख, दो लाख, पांच लाख तक स्वर्ण मुद्रायें दीं ।*इस प्रकार करीब दो करोड़ स्वर्ण मुद्राओं का संग्रह कर प्रधानमंत्री सवेरा होने से पहले वापस अपने महल पहुंचे और समय पर राजसभा में प्रधानमंत्री ने राजा के समक्ष दो करोड़ स्वर्ण मुद्रायें रख दीं ।सम्राट ने पूछा :यह सब क्या है ? तब प्रधानमंत्री ने बताया कि दो तोला मांस खरिदने के लिए*इतनी धनराशि इकट्ठी हो गई फिर भी दो तोला मांस नही मिला ।*राजन ! अब आप स्वयं विचार करें कि मांस कितना सस्ता है ?जीवन अमूल्य है, हम यह न भूलें कि जिस तरह हमें अपनी जान प्यारी है, उसी तरह सभी जीवों को भी अपनी जान उतनी ही प्यारी है। लेकिन वो अपनी जान बचाने मे असमर्थ है।और मनुष्य अपने प्राण बचाने हेतु हर सम्भव प्रयास कर सकता है । बोलकर, रिझाकर, डराकर, रिश्वत देकर आदि आदि ।*पशु न तो बोल सकते हैं, न ही अपनी व्यथा बता सकते हैं ।**तो क्या बस इसी कारण उनसे जीने का अधिकार छीन लिया जाए।**शुद्ध आहार, शाकाहार !**मानव आहार, शाकाहार !*अगर ये लेख आपको अच्छा लगे तो हर व्यक्ति तक जरुर भेजे।जय श्री राधे Krishna

श्रीमद्भागवत गीता का सार।

           
         ओम जय श्री कृष्णाय नमः जय श्री वासुदेवाय नमः।

 
                         
क्यों व्यर्थ की चिंता करते हो? किससे व्यर्थ डरते हो? कौन तुम्हें मार सक्ता है? अात्मा ना पैदा होती है, न मरती है।
जो हुअा, वह अच्छा हुअा, जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है, जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा। तुम भूत का पश्चाताप न करो। भविष्य की चिन्ता न करो। वर्तमान चल रहा है।
तुम्हारा क्या गया, जो तुम रोते हो? तुम क्या लाए थे, जो तुमने खो दिया? तुमने क्या पैदा किया था, जो नाश हो गया? न तुम कुछ लेकर अाए, जो लिया यहीं से लिया। जो दिया, यहीं पर दिया। जो लिया, इसी (भगवान) से लिया। जो दिया, इसी को दिया।
खाली हाथ अाए अौर खाली हाथ चले। जो अाज तुम्हारा है, कल अौर किसी का था, परसों किसी अौर का होगा। तुम इसे अपना समझ कर मग्न हो रहे हो। बस यही प्रसन्नता तुम्हारे दु:खों का कारण है।
परिवर्तन संसार का नियम है। जिसे तुम मृत्यु समझते हो, वही तो जीवन है। एक क्षण में तुम करोड़ों के स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही क्षण में तुम दरिद्र हो जाते हो। मेरा-तेरा, छोटा-बड़ा, अपना-पराया, मन से मिटा दो, फिर सब तुम्हारा है, तुम सबके हो।
न यह शरीर तुम्हारा है, न तुम शरीर के हो। यह अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, अाकाश से बना है अौर इसी में मिल जायेगा। परन्तु अात्मा स्थिर है - फिर तुम क्या हो?
तुम अपने अापको भगवान के अर्पित करो। यही सबसे उत्तम सहारा है। जो इसके सहारे को जानता है वह भय, चिन्ता, शोक से सर्वदा मुक्त है।
जो कुछ भी तू करता है, उसे भगवान के अर्पण करता चल। ऐसा करने से सदा जीवन-मुक्त का अानंन्द अनुभव करेगा।
Bhagavad Gita Saar - English Translation
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Current Affairs

•    वह स्टेडियम जिसे विश्व का सबसे बेहतरीन स्टेडियम घोषित किया गया – सान मेमेस स्टेडियम

•    दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस नदी के किनारे दो लाख दीयों सहित उत्सव में शामिल होंगे – सरयू

•    स्नैपडील के मुख्य वित्तीय अधिकारी जिन्होंने हाल ही में पद से इस्तीफ़ा दे दिया – अनूप विकल

•    पाकिस्तानी बल्लेबाज खालिद लतीफ पर जितने साल का प्रतिबंध और दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है- पांच साल

•    भारतीय राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष ने अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के साथ जितने अरब डॉलर के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं- 1 अरब डॉलर

•    भारत एवं जिस देश की सेना के बीच ‘इंद्र-2017’ युद्ध अभ्यास आयोजित किया जायेगा- रूस

•    हाल ही में डब्लूडब्ल्यूई के साथ करार करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी का नाम है- कविता देवी

•    सीरिया का वह स्थान जिसे अमेरिका समर्थित सुरक्षाबलों द्वारा इस्लामिक स्टेट के कब्जे से मुक्त करा लिया गया – रक्का

•    वह अमेरिकी लेखक जिसे हाल ही में मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया - जॉर्ज सांडर्स

•    वह स्थान जहां कार्यरत 50 भारतीय शांतिरक्षकों को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मेडल द्वारा सम्मानित किया गया -  दक्षिणी सूडान

•    ब्रिटेन में सबसे कम उम्र में करोड़पति बनने वाले भारतीय मूल के किशोर का नाम है- अक्षय रूपारेलिया

•    जिस राज्य के मंत्रिमंडल ने हाल ही में औद्योगिक वृद्धि और आर्थिक गतिविधियों को गति देने हेतु नई औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2017 को मंजूरी दे दी- पंजाब

•    भारत की सेलेना सेल्वाकुमार ने जिस देश में जूनियर एवं कैडेट टेबल टेनिस में तीन स्वर्ण पदक जीते हैं- मिस्र

•    महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लिंग पूर्वाग्रह समाप्त करने के एक प्रयास के रूप में आरंभ किया गया ऑनलाइन अभियान - आई एम दैट वुमैन

•    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण जिस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
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Q. जल पर तैरने वाली धातु कौन सी है ?⇨ सोडियम

Q. प्रकृति में मुक्त अवस्था में कौन सी धातु पायी जाती है ?⇨ चाँदी

Q. कौन सी धातु ठोस अवस्था में नहीं पायी जाती है ?⇨ पारा

Q. एंटीमनी क्या है ?⇨ उपधातु

Q. कौन सी धातु बिजली की अच्छी सुचालक होती है ?⇨ चाँदी

Q. फोटोग्राफी में कौन सा उपयोगी तत्व प्रयुक्त होता है ?⇨ सिल्वर ब्रोमाइट

Q. नीला थोथा का रासायनिक नाम क्या है ?⇨ कॉपर सल्फेट
Q. सबसे कठोर धातु कौन सी है ?⇨ प्लेटिनम

Q. सफेद स्वर्ण किसे कहा जाता है ?⇨ प्लेटिनम
Q. विद्युत बल्व का तन्तु किसका बना होता है ?⇨ टंगस्टन का

Q. कौन सी धातु अचालक की भांति ट्राजिस्टर के रूप में प्रयुक्त होती है ?⇨ जर्मेनियम

Q. किन तत्वों के लवणों द्वारा आतिशबाजी के रंग प्राप्त होते हैं ?⇨ Sr व Ba

Q. किस रेडियोधर्मी तत्व के भारत में विशाल भडार है ?⇨ थोरियम

Q. कलपक्कम के फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर में कौन सा तत्व ईधन के रूप में प्रयुक्त होता है ?⇨ समृद्ध यूरेनियम

Q. भारी जल क्या है ?⇨ मंदक
Q. सामान्य किस्म का कोयला कौन सा है ?⇨ बिटुमिनम
Q. हैलोजन से सबसे अधिक अभिक्रिया कौन करता है ?⇨ क्लोरीन
Q. प्रकृति में सबसे कठोर पदार्थ कौन सा है ?⇨ हीरा
Q. कार्बन के दो अपरूप कौन से है ?⇨ हीरा और ग्रेफाइट
Q. हीमोग्लोबिन में उपस्थित धातु कौन सी है ?⇨ लोहा
Q. संचायक बैटरियों में कौन सी धातु का प्रयोग करते हैं ?⇨ सीसा
Q वायुयान के निर्माण में कौन सी धातु उपयुक्त होती है ?⇨ प्लेटिनम का
Q. ‘एडम उत्प्रेरक’ किस धातु का नाम है ?⇨ प्लेटिनम का
Q. स्टील में कार्बन का प्रतिशत कितना होता है ?⇨ 0.1 से 1.5%
Q. एल्युमीनियम का मुख्य अयस्क क्या है ?⇨ बॉक्साइट
Q. मायोग्लोबिन कौन सी धातु होती है ?⇨ लोहा
Q. समुद्र में सबसे अधिक मात्रा में कौन सी धातु पाई जाती है ?⇨ सोडियम
Q. कौन सी धातु जल के साथ अभिक्रिया करके ऑक्सीजन गैस पैदा करती है ?⇨ कैडमियम
Q. धातु की प्रकृति कैसी होती है ?⇨ विद्युत धनात्मक
Q. पीतल में कौन सी धातुएँ होती है ?⇨ ताँबा व जस्ता...

SORMANDAL SOME GYAN

● सौरमंडल में कुल कितने ग्रह हैं— 8
● सूर्य के चारों ओर घूमने वाले पिंड को क्या कहते हैं— ग्रह
● किसी ग्रह के चारों ओर घूमने वाले पिंड को क्या कहते हैं— उपग्रह
● ग्रहों की गति के नियम का पता किसने लगाया— केपलर
● अंतरिक्ष में कुल कितने तारा मंडल हैं— 89
● सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौन-सा है— बृहस्पति
● सौरमंडल का जन्मदाता किसे कहा जाता है— सूर्य को
● कौन-से ग्रह सूर्य के चारों ओर दक्षिणावर्त घूमते हैं— शुक्र व अरुण
● ‘निक्स ओलंपिया कोलंपस पर्वत’ किस ग्रह पर है— मंगल
● ब्रह्मांड में विस्फोटी तारा क्या कहलाता है— अभिनव तारा
● सौरमंडल की खोज किसने की— कॉपरनिकस
● प्राचीन भारतीय सूर्य को क्या मानते थे— ग्रह
● सूर्य कौन-सी गैस का गोला है— हाइड्रोजन व हीलियम
● सूर्य के मध्य भाग को क्या कहते हैं— प्रकाश मंडल
● किस देश र्में अरात्रि को सूर्य दिखाई देता है— नॉर्वे
● सूर्य से ग्रह की दूरी को क्या कहा जाता है— उपसौर
● सूर्य के धरातल का तापमान लगभग कितना है— 6000°C
● मध्य रात्रि का सूर्य किस क्षेत्र में दिखाई देता है— आर्कटिक क्षेत्र में
● सूर्य के रासायनिक संगठन में हाइड्रोजन का % कितना है— 71%
● कौन-सा ग्रह सूर्य के सबसे निकट है— बुध
● बुध ग्रह सूर्य का एक चक्कर लगाने में कितना समय लेता है— 88 दिन
● सूर्य से सबसे दूर कौन-सा ग्रह है— वरुण
● कौन-से ग्रह जिनके उपग्रह नहीं हैं— बुध व शुक्र
● कौन-सा ग्रह सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में लगाता है— बुध
● किस ग्रह को पृथ्वी की बहन कहा जाता है— शुक्र
● किस ग्रह पर जीव रहते हैं— पृथ्वी
● पृथ्वी का उपग्रह कौन है— चंद्रमा
● पृथ्वी अपने अक्ष पर एक चक्कर कितने दिन में लगाती है— 365 दिन 5 घंटा 48 मिनटर 46 सेकेंड
● पृथ्वी को नीला ग्रह क्यो कहा जाता है— जल की उपस्थिति के कारण
● किस उपग्रह को जीवाश्म ग्रह कहा जाता है— चंद्रमा को
● चंद्रमा क्या है— उपग्रह
● पृथ्वी से चन्द्रमा का कितना भाग देख सकते हैं— 57%
● उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन कौन-सा है— 21 जून
● किस तिथि को रात-दिन बराबर होते हैं— 21 मार्च व 22 सितंबर
● सूर्य द्वारा ऊर्जा देते रहने का समय कितना है— 1011 वर्ष
● सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी कौन-सा है— ओलिपस मेसी
● अरुण ग्रह की खोज कब हुई— 1781 ई.
● पृथ्वी द्वारा सूर्य की एक परिक्रमा को क्या कहते हैं— सौर वर्ष
● पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन का क्या कारण है— अक्ष पर झुकी होने के कारण
● प्लूटो ग्रह की मान्यता कब समाप्त की गई— 24 अगस्त, 2006 को
● चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा कितने समय में लगाता है— 27 दिन 8 घंटा
● ज्वार भाटा की स्थिति में सबसे अधिक प्रभाव किसका होता है— चंद्रमा का
● ज्वार भाटा किसके कारण आता है— सूर्य व चंद्रमा के अपकेंद्र व आकर्षण बल के कारण
● चंद्र ग्रहण कब होता है— पूर्णिमा को
● सूर्य ग्रहण कब होता है— अमावस्या को
● कौन-सा खगोलीय पिंड ‘रात की रानी’ कहा जाता है— चंद्रमा
● नंगी आँखों द्वारा किस ग्रह को देख सकते हैं— शनि ग्रह
● यूरेनस की खोज किसने की— हर्शेल ने
● सूर्य ग्रहण का क्या कारण है— चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाने के कारण सूर्य का दिखाई न देना
● चंद ग्रहण कैसे होता है— जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है जिससे चंद्रमा दिखाई नहीं देता है
● ‘सौंदर्य का देव’ किस ग्रह को कहा जाता है— शुक्र ग्रह को
● पृथ्वी सूर्य से सबसे अधिक दूर कब होती है— 4 जुलाई को
● पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट कब होती है— 3 जनवरी
● पृथ्वी अपने अक्ष पर किस दिशा में घूमती है— पश्चिम से पूर्व की ओर
● रात व दिन होने का क्या कारण है— पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना
● भू-कक्ष तल पर भू-अक्ष का झुकाव कितना होता है— 66 1/2°
● सूर्य सौरमंडल का केंद्र है और पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, यह पता सर्वप्रथम किसने लगाया— कॉपरनिकस
● सर्वप्रथम पृथ्वी की त्रिज्या किस वैज्ञानिक ने मापी— इरैटोस्थनीज
● पृथ्वी की तरह किस ग्रह पर जीवन की संभावना है— मंगल ग्रह
● बृहस्पति ग्रह की खोज किस वैज्ञानिक ने की— गैलीलियो
● कौन-सा ग्रह हरा प्रकाश उत्सर्जित करता है— वरूण
● ‘सी ऑफ ट्रंक्विलिटी’ कहाँ स्थित है— चंद्रमा पर
● चंद्रमा के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में कितलर समय लगता है— 2 सेकेंड से कम
● किस आकाशीय पिंड को ‘पृथ्वी पुत्र’ कहा जाता है— चंद्रमा
● हैली घूमकेतू का आवर्त काल कितना है— 76 वर्ष
● मंगल और बृहस्पति ग्रहों के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाले पिंडों को क्या कहते हैं— क्षुद्रग्रह
● पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखाई देता है— किरीट
● एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम कितने ग्रहण हो सकते हैं— 7
● पृथ्वी और सूर्य के बीच औसत दूरी लगभग होती है— 150×107°C
● सूर्य की दीप्तिमान सतह को क्या कहते हैं— प्रकाश मंडल
● सूर्य का व्यास पृथ्वी के व्यास का कितना गुना है— 110 गुना लगभग
● आकार के अनुसार ग्रहों का घटता क्रम क्या है— बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध
● बृहस्पति ग्रह को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगभग कितना समय लगता है— 12 वर्ष
● मंगल ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में कितना समय लगता है— 687 दिन
● पृथ्वी बनावट एवं आकार में किस ग्रह के समान है— शुक्र ग्रह
● बृहस्पति ग्रह पर एक विशाल धब्बा है। इस धब्बे की खोज किस अंतरिक्ष यान द्वारा हुई— पायनियर अंतरिक्ष यान द्वारा
● यदि पृथ्वी एवं अंतरिक्ष के बीच वायुमंडल ने हो तो आकाश का रंग कैसा दिखाई देगा— काला
● एक ग्रह के दिन का मान और उसका अक्ष से झुकाव पृथ्वी दिन और झुकाव के तुल्य होता है, यह कथन किस ग्रह के लिए सत्य है— मंगल ग्रह के लिए
● वर्ष दीर्घतम कहाँ होता है— नेप्चयून (वरुण) ग्रह पर
● डायमंड रिंग की घटना किस समय होती है— सूर्य ग्रहण के समय
● सिजिगी क्या है— सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का एक सीधी रेखा में होना
● दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन कौन-सा होता है— 22 दिसंबर by Rohit shakya